tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-18123485744116789152007-09-20T16:36:00.000+05:302007-09-20T17:01:24.972+05:30रामसेतु तोड़ने सम्बन्धी पर्यावरणीय दृष्टि2कोलकाता से प्रकाशित दैनिक समाचारपत्र 'सन्मार्ग' दिनांक 19 सितम्बर,2007 के पृष्ठ-3 पर रामेश्वरम् से श्रीलंका तक के रामसेतु के तोड़ने से उपजनेवाले पर्यावरण सम्बन्धी नुकसान और कुछ और प्रकाश डाला गया है।ओड़िशा के केन्द्रापड़ा में विश्व प्रसिद्ध "ओलिव रिडले" प्रजाति के कछुए समुद्री मार्ग से आते हैं तथा यहाँ विहार करते हैं। इन कछुओं के बचाव में लगे वैज्ञानिकों के अनुसार इन बड़े आकार के दुर्लभ कछुओं को हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com6